पटना से सनसनीखेज बयान। पूर्व कांग्रेसी शकील अहमद ने खुलासा किया कि उन्होंने राहुल गांधी को मंदिरों में नियमित आने की हिदायत दी थी, न कि सिर्फ चुनावी ड्रामे तक। लेकिन राहुल ने सलाह को धता बता दिया।
अहमद के ये बोल तब हैं जब उन्होंने राहुल को डरपोक बताया, पार्टी में भूचाल आ गया। बिहार की दिग्गज राजनीतिक शख्सियत, जिन्होंने कई बार जीत हासिल की, ने चुनाव बाद पार्टी अलविदा कह दी। अब नेतृत्व पर हमलावर।
साथी नेताओं ने कथित हाईकमान के पटना-मधुबनी घरों पर हमले के संकेत दिए। विरोध के नाम पर। फुलवारी शरीफ में सिक्योरिटी कड़ी।
‘चुनाव बाद मंदिर बंद, बिहार गायब,’ अहमद ने कटाक्ष किया। केसरी को दो दशक बाद चुनाव पूर्व श्रद्धांजलि, फिर लालू गठजोड़ से ब्राह्मण नाराज। ‘जनेऊधारी शिवभक्त’ का ढोंग।
पिछड़ों का उत्थान ठीक, लेकिन अन्यों की बलि न चढ़ाएं। थरूर-चिदंबरम से चिढ़, स्वयं को आगे रखना। गांधी महिलाओं से अलग, चापलूस पसंद। सीनियर हटाओ, यूथ लाओ। उम्र 55+ वालों को bye, खुद 56 पर। युवा विंग्स ढीले।
शुभचिंतक की बात। राहुल सवाल न सहें। यूथ ने बताया- दिल्ली से हमला ऑर्डर। ‘पुतला जला रहे धर्म बिगाड़। मुसलमान हूं, कफन दो।’
राहुल का भविष्य मोदी की मेहरबानी पर। कांग्रेस runner-up, लेकिन कमजोर। मोदी गिरें तो चढ़ें। मोदी से पहली भेंट में नाम याद, सजगता की मिसाल।
कांग्रेस के घाव गहरे, एकता दूर।