मध्य प्रदेश से एक और नाम पद्मश्री की सूची में—बैतूल के मोहन नागर को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए 2026 का सम्मान। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले केंद्र की ओर से जारी सूची में उनका चयन समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
खुशी जताते हुए नागर ने कहा कि उनके प्रयासों की सराहना होना गौरव की बात है। केंद्र सरकार व पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए इसे आदिवासी समुदाय और अभियान स्वयंसेवकों को अर्पित किया।
यह उपलब्धि सामूहिक है, जो संरक्षण का पैगाम वैश्विक स्तर तक ले जाएगी। किसान पृष्ठभूमि से गांव की पाठशाला, फिर उज्जैन व बैतूल में विद्या भारती मार्फत जागृति अभियान। दादाजी के नदी सफाई कार्य से प्रेरणा मिली, चुनौतियों को पार कर सेवा की।
मोदी सरकार ऐसे गुमनाम नायकों को पहचान दिलाती है, जैसा मन की बात में उजागर होता है। पुरस्कार से उत्साहित नागर 55 हजार गांवों में अभियान को गति देंगे। यह कहानी साधारण से असाधारण बनने की मिसाल है।