चीन ने कोयला क्षेत्र को हरित भविष्य प्रदान करने हेतु महत्वपूर्ण मानक जारी किया है, जो 2025 के लिए स्वच्छ एवं कुशल उपयोग पर केंद्रित है। इस दस्तावेज में प्रमुख क्षेत्रों के बेंचमार्क और बेसलाइन स्तर स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं।
कोयला उद्योग को निम्न दक्षता से ऊंचे स्तर के विकास की ओर मोड़ने का लक्ष्य है, जहां यह उच्च मूल्य वर्धित रसायनों का स्रोत बने। संघ के आंकड़ों से पता चलता है कि कोयले से रसायनिक कच्चे माल की मांग每年 2-3 करोड़ टन तेजी से बढ़ रही है।
बिजली उत्पादन, हीटिंग सिस्टम और कोयला-से-गैस प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक के लिए ऊर्जा प्रबंधन के सख्त मानदंड तय किए गए हैं, जो प्रदर्शन सुधार को बाध्य करेंगे।
यह प्रयास चीन की ऊर्जा रणनीति का अभिन्न अंग है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक वृद्धि संभव होगी। उद्योगों को नई तकनीकों अपनाने का अवसर मिलेगा, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में चीन की नेतृत्व भूमिका को मजबूत करेगा।