केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में कहा कि भारत 2 करोड़ लखपति दीदियों के आंकड़े को पार कर 3 करोड़ की दिशा में अग्रसर है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीण विकास, सामुदायिक संस्थाओं और समावेशी प्रगति में योगदान देने वाली 400 से अधिक दीदियों, पीएमएवाई-जी लाभार्थियों व एसएचजी नेताओं को पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने गणतंत्र दिवस को एसएचजी महिलाओं की सफलता की कहानियों का जश्न बताया। देश के कोने-कोने से पहुंची इन महिलाओं के प्रयासों और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
‘एक मजबूत देश की नींव मजबूत महिलाओं पर होती है,’ उन्होंने कहा। डीएवाई-एनआरएलएम ने वित्तीय समावेशन, उद्यमिता और सामूहिक शक्ति के माध्यम से क्रांति ला दी है।
चौहान ने लिंग समानता सुनिश्चित करने वाली लाडली लक्ष्मी व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनाओं का जिक्र कर भेदभावपूर्ण प्रथाओं को चुनौती देने की वकालत की। महिलाएं आज एसएमई का 25 प्रतिशत हिस्सा चला रही हैं।
ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बाजार संपर्क स्थापित करने में एनआरएलएम की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीण दीदियां मूल्य श्रृंखलाओं में सक्रिय होकर 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर रही हैं।