आगामी आम बजट से रियल एस्टेट को मिलने वाली सौगातों पर सारी नजरें टिकी हैं। अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा, शहरी बुनियादी ढांचे पर फोकस और संपत्ति टोकनाइजेशन जैसे प्रस्ताव बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। महंगाई के दौर में ये कदम आम आदमी के लिए वरदान साबित होंगे।
मकान दामों में उछाल से मांग प्रभावित हो रही है। 45 लाख की सीमा को एक करोड़ तक ले जाना जरूरी है, ताकि ज्यादा प्रोजेक्ट्स लॉन्च हों। इससे खरीदारों को राहत मिलेगी और डेवलपमेंट तेज होगा, शहरों व कस्बों में।
शहरों में प्रदूषण, जल संकट और कचरे की समस्या गंभीर है। बजट से इनका समाधान हो, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को गति मिले। इससे जीवन स्तर सुधरेगा, प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ेगी और निवेश लौटेगा।
लोन छूट विस्तार, ग्रीन बिल्डिंग्स को प्रोत्साहन और टोकनाइजेशन फ्रेमवर्क आना चाहिए। छोटे निवेशक रियल एस्टेट में पार्टिसिपेट कर सकेंगे, जैसे म्यूचुअल फंड्स में।
1 फरवरी रविवार को 11 बजे सीतारमण पेश करेंगी बजट – 2000 बाद पहला रविवारीय। 2025-2015 की तर्ज पर। क्षेत्र की अपेक्षाएं ऊंची हैं, विकास की नई इबारत लिखने को तैयार।