अमेरिका के मिनियापोलिस में फेडरल आईसीई एजेंटों ने अमेरिकी नागरिक और आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी को बर्फीली सड़क पर मार गिराया। तीन हफ्ते में दूसरी ऐसी वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। सड़कों पर उतरे लोग ट्रंप सरकार से आईसीई को शहर से भगाने की मांग कर रहे हैं।
मोबाइल वीडियो में साफ दिखता है कि प्रेट्टी ठंडे मौसम में ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे थे और एजेंटों की वीडियोग्राफी कर रहे थे। एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारी महिला को धराशायी किया, तो प्रेट्टी ने इरिटेंट स्प्रे से जवाब दिया।
एजेंटों ने प्रेट्टी को बर्फ पर लिटाकर पकड़ने की कोशिश की। पैंट से पिस्तौल निकलते ही गोली चल गई। शव पर भी कई राउंड फायर किए गए। डीएचएस ने हथियार के आधार पर बचाव किया, जबकि सचिव नोएम ने हिंसा फैलाने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने पहले गुड हत्याकांड को सेल्फ डिफेंस कहा था। व्हाइट हाउस ने प्रेट्टी को अपराधी बताया। वीडियो सरकारी दावों पर सवाल उठाते हैं। वेंस ने सोशल मीडिया पर स्थानीय अधिकारियों की आलोचना की।
प्रदर्शन तेज हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि आईसीई की कार्रवाई बेकाबू हो चुकी है। जांच जारी है, लेकिन गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा।