बिहार की सियासी गलियारों में हंगामा मच गया है। राजद द्वारा तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चाओं पर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राजद के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा और पार्टी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।
प्रसाद के अनुसार, तेजस्वी की जिम्मेदारियां बढ़ने से राजद का आधार लगातार सिकुड़ रहा है। ‘विपक्ष के नेता के रूप में उनकी लापरवाही सबके सामने है। कार्यकारी अध्यक्ष बनकर दोहरी भूमिका निभाना पार्टी के लिए आत्मघाती होगा।’
तेजस्वी के कर्पूरी ठाकुर वाले बयान पर प्रसाद ने कड़ा ऐतराज जताया। ‘ऐसे नेताओं के नक्शेकदम पर चलना है तो जिम्मेदारी भी निभानी पड़ेगी। कर्पूरी जी की पहचान लंबे संघर्ष से बनी।’ लालू यादव के जनआंदोलन से जुड़ाव को स्वीकारा, लेकिन तेजस्वी की कोशिशों को बेकार ठहराया।
राजद में उठ रहे बागी स्वरों का हवाला देते हुए प्रसाद ने कहा कि रोहिणी आचार्य से लेकर अन्य नेताओं तक असंतोष व्याप्त है। तेजस्वी का घमंड कार्यकर्ताओं को खल रहा है और यह स्थिति भविष्य में और बिगड़ेगी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस से नसीमउद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे को जोड़ते हुए प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। ‘कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में असफल हो रही है। सच्चे कांग्रेसी नाराज हैं और देशभर की आलोचना पार्टी को झकझोर रही है। समय रहते सुधार जरूरी।’
यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच जंग को तेज कर सकता है। राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे गौर से देख रहे हैं।