श्रीनगर की बर्फीली चादर अब धीरे-धीरे हट रही है। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू हाईवे ट्रैफिक के लिए खुल गया है। फंसे ट्रक और कारों को पहले रास्ता दिया जा रहा है। साथ ही एयरपोर्ट पर बर्फ हटाने की मुहिम जोरों पर है, जिससे हवाई यात्रा सुचारू हो सके।
नवयुग टनल के दोनों ओर 23 जनवरी की भारी बर्फबारी ने हाईवे को अवरुद्ध कर दिया था। अब हालात नियंत्रण में हैं। एयरपोर्ट पर उड़ानें सामान्य हो गई हैं, सिवाय दिल्ली की तीन फ्लाइट्स के जो पायलटों के अभाव में रद्द रहीं।
ध्यान दें: श्रीनगर-लेह मार्ग, मुगल रोड और सिंथन-रजदान दर्रों से होकर जाने वाली सड़कें बंद पड़ी हैं। ट्रैफिक कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी से बिना इनका इस्तेमाल न करें।
मौसम विभाग ने 26-27 जनवरी के लिए बारिश-बर्फबारी की भविष्यवाणी की है। ज्यादातर जगहों पर हल्की-मध्यम, कहीं-कहीं भारी संभावना। आकाशीय गर्जना और तेज हवाओं का भी योग है। 28 जनवरी तक कृषि कार्य स्थगित रखें। हिमक्षेत्रों के ढलानों पर हिमस्खलन से बचाव जरूरी।
रात्रिकालीन पारे ने कंपकंपी पैदा की: श्रीनगर -1.6°से, गुलमर्ग -10.2°से, पहलगाम -6.2°से। जम्मू 7.1°से, कटरा 6.2°से, बटोटे -0.1°से, बनिहाल -2°से, भद्रवाह -4°से।
सूखे के लंबे सिलसिले के बाद यह हिमपात राहत भरा है। बर्फीले पहाड़ नदियों-तालाबों को गर्मी में सींचेंगे। 23 जनवरी को मैदानी इलाकों में सीजन की पहली बर्फ पड़ी, ‘चिल्ला कलां’ के बीच। यह कठोर सर्दी का 40 दिन का चक्र 21 दिसंबर से 30 जनवरी को समाप्त होगा।