बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बागी नेताओं का खेल खत्म होने वाला है। सांसद सुधाकर सिंह ने पुष्टि की कि पार्टी विरोधी कार्यों की जांच रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दी गई है। जल्द ही निर्णय लिया जाएगा और कार्रवाई की घोषणा होगी।
चुनाव के दौरान कईयों ने बगावत की और पार्टी के खिलाफ खुलकर उतरे। सिंह के मुताबिक, लंबी जांच प्रक्रिया के बाद बनी यह रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है। दो दिनों के अंदर सब स्पष्ट हो जाएगा।
सिंह ने तेजस्वी के बयान का समर्थन करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से लाखों वोटर गायब कर दिए गए। पोलिंग के समय खातों में सरकारी धनराशि भेजी गई, जो निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। तंत्र की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस से इस्तीफे पर सिंह ने कहा कि बसपा से कांग्रेस आने वाले नेताओं को ढलने में वक्त लगता है। पार्टी का उच्च कमान ही स्थिति स्पष्ट करेगा।
यह कदम राजद को मजबूत बनाएगा। बिहार की राजनीति में अनुशासन सुनिश्चित कर विपक्षी एकजुटता को बल मिलेगा। आने वाले चुनावों से पहले यह फैसला गेम चेंजर साबित हो सकता है।