वेनेजुएला-ईरान संकटों में फंसे अमेरिका का फायदा उठाकर चीन दुनिया भर में अपनी ताकत बढ़ा रहा है। रिपोर्ट बताती है कि बीजिंग आर्थिक रिश्तों से स्थिरता का चेहरा अपनाए हुए है, मगर विवादास्पद सरकारों से गठजोड़ इसकी पोल खोल रहे हैं।
वेनेजुएला के मादुरो और ईरान के कट्टरपंथियों से दोस्ती चीन की स्थिरता वाली बात को कमजोर करती है। ताइवान-तिब्बत दावे उसके शांतिवादी रुख के खिलाफ हैं, जिस कारण देश इसे आक्रामक मान सतर्क हो रहे हैं।
अमेरिका की एकाधिक व्यस्तताओं के बीच चीन खुद को वैश्विक स्थापक के रूप में पेश कर रहा है। यह महज मौका नहीं, बल्कि नई विश्व व्यवस्था रचने की योजना है।
लैटिन अमेरिका में चीन-सेलैक से बुनियादी ढांचे पर निवेश अमेरिका के प्रभाव को चुनौती दे रहा है। वेनेजुएला अमेरिकी प्रभुत्व बचाने की जद्दोजहद का मैदान है।
ईरान से ऊर्जा हासिल करने के लिए चीन प्रतिबंध तोड़ रहा है, खुद को भरोसेमंद साझीदार दिखा रहा है।
इतिहास में उभरती ताकतें इसी तरह अमेरिकी कमजोरियों का लाभ उठाती रहीं। चीन अब वैश्विक खेल बदलने को तैयार है।