क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच ईरान में भारतीय मेडिकल छात्र खतरे की घंटी बजा रहे हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने भारतीय दूतावास तेहरान को पत्र भेजा है, जिसमें छात्रों के जमा पासपोर्ट वापस दिलाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल निकासी की योजना बनाने की मांग उठाई गई है।
ईरान के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्र भयभीत हैं। विश्वविद्यालयों द्वारा पासपोर्ट जब्त रखे जाने से वे भारत वापसी की किसी भी कोशिश में नाकाम साबित हो रहे हैं। अभिभावक फोन पर लगातार संपर्क में हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही।
पत्र में कहा गया कि पूर्व चेतावनियों को नजरअंदाज करने से परिस्थिति जटिल हो गई है। दूतावास को ईरानी प्रशासन से हस्तक्षेप कर पासपोर्ट मुक्त कराने का निर्देश दिया गया है। जो छात्र लौटना चाहें, उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होनी चाहिए।
भविष्य के खतरों को देखते हुए निकासी रणनीति पर जोर दिया गया। एआईएमएसए ने सहायता का वादा किया और दूतावास की भूमिका की सराहना की।
संकटग्रस्त छात्रों की यह लड़ाई सफल होनी चाहिए, ताकि पढ़ाई के सपने खतरे में न पड़ें। दूतावास की त्वरित कार्रवाई से ही समाधान संभव है।