संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के शुक्रवार को आयोजित ईरान पर विशेष सत्र में चीन ने सिद्धांतपूर्ण रवैया अपनाते हुए कहा कि प्रत्येक राष्ट्र को मानवाधिकार का अपना रास्ता अपनाने का हक है। जिनेवा में चीनी राजदूत झा पेइयांग ने आइसलैंड आदि देशों के आह्वान पर बुलाए गए इस सत्र में बीजिंग का पक्ष रखा।
झा ने स्पष्ट किया कि मानवाधिकार बहाने बनाकर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप, अनुमति रहित तंत्र लागू करना या दोहरा चरित्र अपनाना अस्वीकार्य है। ईरान के घटनाक्रम आंतरिक हैं, जिन पर ईरानी अवाम का अधिकार है।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर व वैश्विक कानूनों के अनुरूप चीन जबरदस्ती या दबाव की नीति का खंडन करता है। ईरान की संप्रभुता-सुरक्षा का आदर पूर्वक उसके लोगों व नेतृत्व को कठिनाइयों पर विजय पाने में समर्थन देना चाहिए।
चीन संवाद आधारित समाधानों की पक्षधर है और सकारात्मक योगदान देने को उत्सुक। ईरान की स्थिति वैश्विक पटल पर छाई हुई है, जहां चीन गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांत को मजबूती प्रदान कर रहा है।