हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस 25 जनवरी को देशव्यापी उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह 1971 का वह ऐतिहासिक क्षण याद दिलाता है जब पहाड़ी प्रदेश को पूर्ण राज्य का गौरव प्राप्त हुआ। अतीत की कठिनाइयों, वर्तमान की प्रगति और आने वाले कल की आशाओं का संगम यही है।
आजादी के बाद 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल का जन्म हुआ। रियासतों का एकीकरण चुनौतीपूर्ण था। 26 जनवरी 1950 को ‘ग’ राज्य बना। 1954 में बिलासपुर, 1956 में केंद्रशासित, 1966 में कांगड़ा आदि जुड़े। संसद के 1970 अधिनियम ने 25 जनवरी 1971 को सपनों को साकार किया।
फिर शुरू हुआ चमत्कारी विकास। संसाधनों की कमी, दुर्घटनाओं के बावजूद बुनियादी सुविधाओं पर जोर। परिणामस्वरूप 2024-25 जीएसडीपी 2.27 ट्रिलियन। निर्यात 223.20 मिलियन डॉलर (अगस्त 2025 तक), दवा-जैविक उत्पादों से 69.5%। पर्यटन के साथ औद्योगिक क्रांति हो रही।
हिमाचल की शक्ति प्रकृति और जनमानस में है। जलविद्युत, सेब उत्पादन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, इको-टूरिज्म अर्थव्यवस्था मजबूत कर रहे। यह दिवस सिखाता है कि संघर्ष से पहचान, परिश्रम से उन्नति और एकजुटता से भविष्य बनता है। हिमाचल उदाहरण है अटल संकल्प का।