शनिवार को नई दिल्ली में यूरोपीय काउंसिल अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का आगमन हुआ, जहां केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के तौर पर उनकी भूमिका भारत-ईयू रिश्तों को मजबूत करने का संकेत दे रही है। एफटीए पर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है, जिसकी घोषणा जल्द संभव है।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि दो बड़े लोकतंत्रों के बीच भरोसे और मूल्यों पर बनी यह साझेदारी अब अगले स्तर पर है। एंटोनियो कोस्टा के साथ मिलकर वे परेड में हिस्सा लेंगी, जो संबंधों का महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उच्च अधिकारियों के मुताबिक, एफटीए व्यापारिक क्रांति लाएगा।
यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास भी अपनी पहली यात्रा पर यहां पहुंचीं। रणधीर जायसवाल ने इसे साझेदारी को और सशक्त बनाने का आदर्श समय करार दिया। निरंतर उच्च स्तरीय बैठकें दोनों देशों के हितों को सधाएंगी।
यह दौरा न केवल समारोहिक है, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का आधार बनेगा। गणतंत्र दिवस भारत की संप्रभुता का प्रतीक है, और यूरोपीय नेताओं की मौजूदगी वैश्विक साझेदारी की नई दिशा दिखाएगी। आने वाले समय में व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे।