सिरदर्द पर पेनकिलर न खाएं, बल्कि पेट की सफाई पर ध्यान दें। आयुर्वेद मानता है कि पाचन संबंधी विकार ही सिरदर्द का मूल कारण हैं। कब्ज या गैस सिर तक दोषों को ले जाती है।
सुश्रुत संहिता के अनुसार, तीखे-भुने खाद्य पदार्थ पित्त दोष बढ़ाते हैं, जो सिर में पहुंचकर माइग्रेन जैसे लक्षण पैदा करते हैं। पेट में अटका मल रक्त दूषित कर दिमाग को कमजोर बनाता है। बाम या गोली से क्षणिक आराम, स्थायी समाधान नहीं।
घरेलू नुस्खे आजमाएं: नाक में घी नस्य से तुरंत राहत। एसिडिटी के लिए रातभर भीगे धनिये में मिश्री घोलकर पियें। अविपत्तिकर चूर्ण व सूखे अदरक का लेप कब्ज दूर करे। देर रात भोजन, फ्रिज का ठंडा या पुराना खाना त्यागें।
विज्ञान भी गट-ब्रेन कनेक्शन स्वीकारता है। इन सरल उपायों से सिरदर्द को जड़ से खत्म करें और स्वस्थ जीवन जिएं।