पाकिस्तान में साइबर क्राइम जांच एजेंसी के गुजरांवाला अधिकारियों पर करोड़ों की रिश्वत लेने का बड़ा घोटाला सामने आया है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) ने एनसीसीआईए के तीन अफसरों और सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड के आरोपीयों को भारी रकम लेकर बेल कर दिया।
गार्डन टाउन निवासी मुजम्मिल इकबाल की शिकायत और खुफिया सूत्रों पर एफआईए ने एफआईआर दर्ज की। मुजम्मिल ने बताया कि 2 फरवरी को नकली एफआईए वाले घर में धमके से घुसे, परिवार को बंधक बनाया, मोबाइल-लैपटॉप-कार लूट ली। लड़कों को मारा-पीटा, आंखें बंद कर कैद किया।
साइबर विंग ऑफिस में क्रिप्टो और ई-कॉमर्स पर पूछताछ के बहाने नकदी, क्रिप्टोकरेंसी और बैंक से उगाही की। मुक्ति के बदले कानूनी छूट का लालच दिया, फिर ब्लैकमेल जारी रखा। जायदाद का कुछ हिस्सा लौटा, लेकिन नकदी गायब।
सलमान रजा ने भी अपहरण और 5 करोड़ मांग का खुलासा किया। मुजम्मिल का 3 करोड़ का ‘सेटलमेंट’ एफआईए वालों के जरिए—30 लाख कैश, बाकी डिजिटल।
यह मामला साइबर अपराधों से निपटने वाली संस्थाओं की विश्वसनीयता पर कलंक है। सख्त निगरानी और पारदर्शिता से ही ऐसी सड़ांध रोकी जा सकती है।