बेंगलुरु से सनसनीखेज खबर, जहां ईडी ने बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट के खिलाफ धन शोधन मामले में करीब 19.46 करोड़ की संपत्ति फ्रीज कर दी। इंजीनियरिंग एडमिशन में सीट बिक्री का यह काला कारोबार अब उजागर हो गया है।
ट्रस्ट ट्रस्टीज से संबंधित एक प्लॉट व दो फ्लैट्स को 21 जनवरी 2026 को पीएमएलए के प्रावधानों से अटैच किया गया। पुलिस एफआईआर पर आधारित जांच में खुलासा हुआ कि कॉलेज प्रबंधन ने निर्धारित शुल्क से कहीं ज्यादा कैश लिया।
पिछली तलाशियों में 1.86 करोड़ नकद बरामद हुए, साथ ही 20.20 करोड़ के अनहिसाब लेन-देन के प्रमाण—चैट्स, नोट्स और गवाहियां। एजेंटों के जाल ने मैनेजमेंट कोटा की सीटों को बाजार बना दिया।
ट्रस्टीज ने कमाई को निजी संपत्तियों में लगाया, जो अब कुर्क हैं। अभिभावकों को ठगे जाने से छात्रों का भविष्य दांव पर लगा। ईडी का यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का संकेत देता है।
जांच एजेंसियां अन्य संदिग्धों पर नजर रखे हुए हैं, ताकि शिक्षा प्रणाली में स्वच्छता आए।