दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में शुक्रवार रात की घटना ने इलाके को गमगीन कर दिया। नगर वार्ड एक के कुएं में मिली मां जयंती केवट और उनके छह माह के पुत्र देवांश की लाशों ने सवालों का दौर शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन मौत के रहस्य से पर्दा उठाने में जुटे हैं।
सुबह नगर निकाय कर्मचारी ने कुएं में तैरते शव देखे और हड़बड़ाते हुए पुलिस को बुलाया। जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शवों को काबू में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेजा।
झरोली की रहने वाली जयंती हाल में भाई के देहांत के बाद तेरहवीं के लिए मायके पहुंची थीं। पहले ही दो संतानों को खो चुकीं जयंती लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। पड़ोसियों के अनुसार, शुक्रवार शाम घर के आसपास देखी गईं, फिर अचानक गायब हो गईं।
तलाशी के दौरान कुएं से शव मिले। एसडीओपी अर्चना अहिर ने कहा, ‘पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। आगे की जांच से मौत का कारण स्पष्ट होगा। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।’
यह हृदयविदारक घटना न केवल एक परिवार का दुख है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुओं के खतरे और मानसिक तनाव की समस्या को भी रेखांकित करती है। स्थानीय प्रशासन अब सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराए। समुदाय प्रार्थनाओं में लीन है।