यूरोपीय संघ की शीर्ष कूटनीतिज्ञ काजा कैलास शनिवार को नई दिल्ली पहुंचीं, जो उनके वर्तमान पद पर भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उपयुक्त है, खासकर जब उच्च स्तरीय बातचीतें जोरों पर हैं।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर घोषणा की। ‘ईयू उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास का पहला आधिकारिक भारत दौरा। यह साझेदारी को सुदृढ़ करने और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को तेज करने का सही मौका है,’ उन्होंने पोस्ट किया।
गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईयू राजदूतों के संगठन के साथ बैठक की, जिसमें वैश्विक अस्थिरता पर गहन विमर्श हुआ। मंत्रालय के अनुसार, बदलते विश्व में अस्थिरता अब सामान्य हो गई है।
बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर साझा किया, ‘ईयू राजदूतों से आज की वैश्विक स्थिति पर चर्चा। जहां अस्थिरता नई हकीकत है।’ उन्होंने करीबी सहयोग की वकालत की, जो वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करे। आपूर्ति श्रृंखला पर साझेदारी से अर्थव्यवस्था को जोखिमों से सुरक्षित किया जा सकेगा।
यह यात्रा 26 जनवरी के 77वें गणतंत्र दिवस से पूर्व है, जब एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि बनेंगे। पीएम मोदी के आमंत्रण पर आने वाले ये नेता 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन की अगुवाई करेंगे। इन घटनाओं से व्यापार, सुरक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।