बांग्लादेश में अवामी लीग ने मुहम्मद यूनुस सरकार के जनमत संग्रह प्रस्ताव पर तीखा प्रहार किया है। 12 फरवरी के चुनावों के साथ प्रस्तावित इस रेफरेंडम को पार्टी ने संविधान-विरोधी और जनता को अंधेरे में रखने वाली चाल बताया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि 30 गोपनीय सुधारों पर वोटिंग कराना एक नाटक है जो देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को कलंकित करेगा। जुलाई 2024 के हिंसक प्रदर्शनों को विदेशी पैसे, इस्लामी आतंकियों और सेना के समर्थन वाला तख्तापलट बताते हुए उन्होंने यूनुस सरकार को बिना जनता के ठीके वाली बताया।
अनुच्छेद 7 के अनुसार जनता ही सर्वोच्च है, लेकिन बिना प्रस्तावों का खुलासा किए राय लेना इस सिद्धांत का अपमान है। अवामी लीग ने तर्क दिया कि मतदाता को बिना जानकारी के फैसला थोपना गैर-लोकतांत्रिक है और नागरिक अधिकारों का हनन करता है।
यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सूचना के अधिकार को रौंद रही है। पार्टी का आरोप है कि इस अवैध सत्ता का उद्देश्य संविधान को समाप्त करना है। सुधारों को छिपाकर रेफरेंडम कराना न केवल गैरकानूनी बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है।
जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, अवामी लीग इस मुद्दे को गरमाए रखने को तैयार है। उनका कहना है कि सच्चा लोकतंत्र पारदर्शिता पर टिका है। यह टकराव बांग्लादेश के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।