भारत का वस्त्र उद्योग आर्थिक विकास का मजबूत आधार बन गया है। दस वर्षों में 8.4 लाख करोड़ से 16 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया। 74वें आईआईजीएफ में मंत्री गिरिराज सिंह ने घरेलू बाजार को 13 लाख करोड़ बताया, जो 6 लाख से दोगुना है। महामारी बाद निर्यात 25% से ज्यादा बढ़ा।
मेला अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का केंद्र है। सरकार के सुधारों से रुकावटें दूर हुईं—क्यूसीओ लागू, रोडटेप-रोसिटल को 50,000 करोड़, शुल्क कटौती। 40 देशों में सफलता: अर्जेंटीना 77%, मिस्र 30% आदि। ईयू के साथ व्यापार समझौता निकट।
देश के पास संसाधन प्रचुर हैं, स्वदेशी मानक विकसित हो रहे। एईपीसी प्रमुख ने उत्पादन शक्ति और वैश्विक भरोसे पर जोर दिया। RMG निर्यात में 2.4% वृद्धि, भविष्य उज्ज्वल।