हिंद महासागर में भारत की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का प्रतीक बन गया कोलंबो का यह दौरा। 24 जनवरी को आईसीजीएस वराह (ऑफशोर पेट्रोल वेसल) और आईसीजीएस अतुल्य (फास्ट पेट्रोल वेसल) श्रीलंका पहुंचे। विदेशी तैनाती के तहत यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
भारत का तटरक्षक बल क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को प्राथमिकता देता है। ऐसे पोर्ट कॉल से पड़ोसी तटरक्षक बलों के साथ पेशेवर संबंध मजबूत होते हैं।
दौरे के दौरान समुद्री सुरक्षा के हर पहलू पर चर्चा होगी। खोज एवं बचाव, समुद्री प्रदूषण प्रबंधन, कानूनी कार्रवाई और जहाज तलाशी अभियानों पर विशेष ध्यान।
क्षमता साझा करने से दोनों देश समुद्री अपराधों से बेहतर लड़ सकेंगे। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में यह सहयोग कारगर सिद्ध होगा।
‘पड़ोस पहले’ नीति के तहत भारत लगातार पहल कर रहा है। ये जहाज पहले भी बहुपक्षीय अभ्यासों में भाग ले चुके हैं। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह कदम स्वागतयोग्य है।
भारत-श्रीलंका तटरक्षक सहयोग हिंद महासागर की शांति के लिए आवश्यक है। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करेगी बल्कि समग्र समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देगी।