आज के डिजिटल दौर में विवेक रंजन अग्निहोत्री का मत अलग है। वे मानते हैं कि सितारों को सोशल मीडिया से पूरी तरह बचना चाहिए ताकि उनका आकर्षण नष्ट न हो।
उन्होंने तुलना की कि तारे दूर से ही सुंदर लगते हैं। अगर हर पल—जिम, सैलून, शादी—शेयर करेंगे तो दर्शक थिएटर में टिकट क्यों खरीदेंगे? यह उपलब्धता उनका मिस्टिक खत्म कर देती है।
सोशल मीडिया के खतरे भी गिनाए। हर पोस्ट पर कमेंट्स की बौछार होती है। प्रदूषण जैसे मुद्दे पर भी विरोध होता है। मोबाइल हर हाथ में बंदूक बन गया है।
अग्निहोत्री स्वयं सीमित पोस्ट करते हैं, सिर्फ समाजिक विषयों पर। युवा सितारों को सलाह दी कि पर्दे पर ही चमकें, निजी जीवन गुप्त रखें। इससे फैंस की रुचि बनी रहती है।
उनकी यह सलाह उद्योग में बहस छेड़ सकती है। क्या गोपनीयता ही सच्ची स्टारडम की कुंजी है?