मुजफ्फरपुर पुलिस थाने में हड़कंप मच गया जब 11 साल पुराने दहेज हत्याकांड की कथित शिकार महिला खुद पहुंच गई। पति ललन पासवान हत्या केस में फरार था, लेकिन सच्चाई चौंकाने वाली निकली।
सुनीता पासवान ने 2012 में ललन से हिंदू रीति से शादी की। तीन साल बाद घरेलू कलह से दिल्ली भागी, प्रेमी से ब्याह रचाया। पिता वकील पासवान ने 2015 में ललन व परिवार पर हत्या का मुकदमा किया।
सुनीता के लौटने पर पूछताछ हुई। उसने बताया, उसे हत्या के आरोप का पता ही नहीं था। थाने में सरेंडर कर पिता के हवाले। खबर फैलते ही सनसनी।
थानाध्यक्ष राम इकबाल प्रसाद के मुताबिक, बयान कोर्ट में, कोई हत्या नहीं। आरोपी पक्ष को न्याय मिलेगा। पूरी जांच जारी।
यह घटना गायबगी के मामलों में जल्दबाजी और कानूनी जाल की मिसाल। परिवारों को राहत, लेकिन सबक गहरा।