बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती से एक दिन पहले आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन के मूल्यों को श्रद्धांजलि दी। अतिपिछड़ा समाज के उत्थान में एनडीए की भूमिका विषयक संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने ठाकुर की सादगी, दृढ़ सिद्धांतों और समाजसेवा पर प्रकाश डाला।
‘कर्पूरी ठाकुर सादगी, सिद्धांत और जनसेवा के प्रतीक हैं,’ जायसवाल ने कहा। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय और पिछड़ों के विकास에 अर्पित रहा। समरस समाज की स्थापना में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उच्च कोटि की सोच रखने वाले ठाकुर सादा जीवन जिए। शीर्ष पदों पर रहते हुए भी उनके नाम पर कोई संपत्ति नहीं थी। यह नेतृत्व की सच्ची मिसाल है।
मंत्री ने बताया कि ठाकुर ने राजनीति को सेवा का स्वरूप दिया, न कि स्वार्थ साधन। अतिपिछड़ों के लिए आरक्षण का बीज बोने वाले वे थे। उनकी निष्कलंक छवि वर्तमान संदर्भ में भी मार्गदर्शक है।
बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती की आराधना का आह्वान किया। एनडीए शिक्षा सशक्तिकरण और ज्ञान प्रसार में प्रतिबद्ध है। सभी विद्यार्थियों को बुद्धि का वरदान मिले, ऐसी कामना की।
ठाकुर के आदर्श बिहार के विकास पथ को रोशन करते रहेंगे। एनडीए इन्हें आगे बढ़ा रहा है।