छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में धान उपार्जन केंद्र पर बड़ा घपला सामने आया। खरतोरा केंद्र के इंचार्ज दुर्गेश कुमार गेंड्रे द्वारा फर्जी तरीके से धान तौलने का मामला पकड़ा गया, जिसके बाद उनके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। यह घटना खरीदी व्यवस्था की पोल खोलती है।
दुर्गेश ने 21 जनवरी 2026 को भाई सुरेंद्र के टोकन से 21.20 क्विंटल (53 बोरे) सरना धान की आड़ में धोखा दिया। बिना किसी वास्तविक धान के तौल स्लिप जारी की, डिजिटल रिकॉर्ड में हेराफेरी की और 50 हजार से अधिक का ऑनलाइन पेमेंट जमा दिखाया। धान नीति के स्पष्ट नियम तोड़े गए, जो शारीरिक सत्यापन पर जोर देते हैं।
प्रशासन को शक हुआ तो तुरंत जांच शुरू की गई। सच्चाई सामने आने पर पलारी पुलिस स्टेशन में एफआईआर 96 के तहत कार्रवाई हुई। सीजन के पीक पर ऐसी साजिशें किसानों को परेशान करती हैं और राज्य को आर्थिक झटका देती हैं।
किसान अपनी मेहनत की कमाई के इंतजार में हैं। इस तरह के कृत्य से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं। अधिकारी गहन जांच का भरोसा दिला रहे हैं, जिसमें अन्य शामिल लोगों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु मजबूत निगरानी आवश्यक है।