माघ मेले में बसंत पंचमी पर पांचाल घाट गंगा तट उत्सवमय माहौल में डूब गया। महंत सत्य गिरी महाराज के नेतृत्व में जूना अखाड़ा के नागाओं ने शाही स्नान यात्रा निकाली। गंगा किनारे से गुजरती यह यात्रा छठी सीढ़ी पर स्नान के लिए रुकी। साधुओं के करतब और अबीर-गुलाल ने बसंत का स्वागत किया।
आयोजकों के स्वागत के बाद वैष्णव संप्रदाय ने भोलेपुर हनुमान मंदिर महंत मोहनदास के नेतृत्व में यात्रा शुरू की। ध्वज लिए बच्चे, ढोल और लाठी-भाले-तलवार के प्रदर्शन ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। पुष्प वर्षा के बीच यात्रा मेला बाजार से गुजरी और अधिकारियों ने माल्यार्पण किया।
अखिल भारतीय वैष्णव व अन्य संप्रदायों की यात्राएं घाट पर मिलीं। स्नान, पूजा-अर्चना और जूना अखाड़ा वापसी के साथ कार्यक्रम संपन्न हुए। प्रसाद वितरण वाले भंडारों ने भक्ति का संगम रचा। महाराज ने बताया कि साधुओं की बड़ी उपस्थिति ने मेले को सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना दिया।