रांची में युवाओं को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भारत को सामरिक रूप से विश्व की प्रमुख शक्तियों में गिना। ‘सशक्त राष्ट्र ही विश्व मंच पर सुना जाता है’, उन्होंने कहा। विकसित भारत-2047 के सपने को साकार करने की दिशा में प्रगति उल्लेखनीय है।
टेंडर हार्ट स्कूल के ‘विकसित भारत-2047’ कार्यक्रम में आठ स्कूलों के छात्रों से बातचीत में नौसेना की दीर्घकालिक युद्ध क्षमता और चुनौतियों पर विजय का उल्लेख किया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ विशेष रूप से उपस्थित रहे।
छात्र के हथियार खरीद के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया- शांति के लिए ताकत जरूरी है, न कि खोखली बातें। रक्षा में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य निकट है।
सुरक्षा, नेतृत्व, युवा भूमिका, एसएसबी और विश्व परिदृश्य पर विचार साझा करते हुए चार मंत्र दिए- सकारात्मकता, विश्वास, चरित्र, महत्वाकांक्षा। खुशी का पीछा न करें, अपनाएं। युवा कर्तव्य, परिश्रम और समर्पण से राष्ट्र निर्माण करें।
सेठ ने नौसेना प्रमुख के आगमन को गौरवपूर्ण बताया। सुधीर तिवारी, प्राचार्य, अभिभावक, अधिकारी और छात्रों की भारी भीड़ रही। शिवांगी शुक्ला ने संचालन किया।