लुधियाना के समराला में आयोजित सतगुरु राम सिंह महाराज की जयंती पर हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लेकर उनके जीवन और संघर्ष को याद किया। सतगुरु की शिक्षाएं सामाजिक उत्थान और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का आधार हैं, यही उनका संदेश था।
सैनी ने सतगुरु के जीवन को मानवता, सदाचार और देशहित से प्रेरित मॉडल करार दिया। कूका आंदोलन के शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने हरियाणा में सतगुरु नामक पीठ बनाने का वचन दिया।
आयोजन समिति से चर्चा के बाद यह कदम उठाया जाएगा। सतगुरु ने आध्यात्मिकता को सामाजिक कार्य से जोड़कर समाज को नई दिशा दी। औपनिवेशिक जुल्मों के दौर में नामधारी आंदोलन ने आत्मविश्वास जगाया।
अनुशासन, गरिमा और अन्याय विरोध के मूल्य स्थापित किए। कूका ने स्वदेशी-असहयोग से स्वतंत्रता की नींव रखी, जो गांधीजी तक पहुंची। विदेशी बहिष्कार और पंचायत प्रणाली को बढ़ावा दिया।
बाबा राम सिंह का निर्वासन और 1872 की क्रूर हत्याएं आंदोलन को नहीं रोक सकीं। 1857-1947 तक नामधारियों का बलिदान आजादी दिलाया। नेताजी ने उनकी वीरता का गुणगान किया।
स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी है। मोदी सरकार का स्मारक टिकट और आत्मनिर्भरता अभियान सतगुरु की देन को जीवंत करता है। उनका योगदान शाश्वत है।