26 जनवरी को भारत अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर ईयू की उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचेंगे। 25-28 जनवरी का यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ एफटीए को हरी झंडी दिखाने का संकेत दे रहा है।
डावोस में लेयेन ने उत्साह जताया, ‘भारत यात्रा करीब है। हम ‘सभी डीलों की मां’ वाले ऐतिहासिक समझौते के मुहाने पर हैं। यह 2 अरब उपभोक्ताओं और वैश्विक जीडीपी के 25 फीसदी का बाजार रचेगा।’
उन्होंने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल में यूरोप तेजी से बढ़ते बाजारों से जुड़ना चाहता है। 27 जनवरी की भारत-ईयू शिखर बैठक में एफटीए पर मुहर लग सकती है। एक संयुक्त दस्तावेज जारी होगा, जिसके बाद कानूनी मंजूरी प्रक्रिया शुरू होगी।
सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और भारतीय विशेषज्ञों की नौकरियों के लिए मोबिलिटी पैक्ट भी तैयार हैं। ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है, जहां 2024 में 135 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।
पीयूष गोयल ने इसकी महत्ता बताते हुए इसे गेम-चेंजर बताया। भारत श्रम-गहन क्षेत्रों में शुल्क मुक्ति पर अड़ा है। सीबीएएम जैसे बिंदुओं पर बात चल रही है, लेकिन अंतिम चरण स्पष्ट है।
यह सौदा भारत के निर्यात को बूस्ट देगा और ईयू को विश्वसनीय भागीदार। वैश्विक व्यापार में नई दिशा तय करेगा।