केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नोएडा के एनआईईपीआईडी केंद्र में सीडीईआईसी का शुभारंभ कर माता-पिता को बच्चे के पहले थेरेपिस्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि सशक्त माता-पिता विकासात्मक चुनौतियों से जूझते बच्चों को मजबूत बनाते हैं। सरकार प्रारंभिक हस्तक्षेप को प्रत्येक बच्चे का भविष्य सुरक्षित करने का माध्यम मानती है।
पहले छह वर्षों की महत्ता रेखांकित करते हुए डॉ. कुमार ने इन्हें मस्तिष्कीय और सामाजिक विकास का आधार बताया। नोएडा केंद्र गुणवत्ता, तकनीक और प्रशिक्षण पर जोर देगा। देखभालकर्ताओं को प्रमाणित कोर्स से सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे बच्चे की प्रगति के साझेदार बनें।
विभाग की अपर सचिव ने 28वें केंद्र का उल्लेख कर राष्ट्रव्यापी विस्तार की बात की। यह केंद्र बहुविषयक सेवाएं जैसे चिकित्सा, शिक्षा और परामर्श प्रदान करेगा, जो नोएडा क्षेत्र के हजारों बच्चों को लाभ पहुंचाएगा।
कार्यक्रम में दौरा, बच्चों की प्रस्तुतियां, उपकरण वितरण और पौधारोपण शामिल रहा, जो स्थिरता और सामूहिक प्रयासों का संदेश देता है।