मुंबई से आई रिपोर्ट ने भारतीय व्यापार जगत में उत्साह भर दिया है। ईयू के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से 10-11 अरब डॉलर के नए निर्यात बाजार खुलेंगे। रूबिक्स डेटा साइंसेज के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ प्रभावित माल को यूरोप भेजकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, बिना क्षमता विस्तार के।
भारत के अमेरिका निर्यात में प्रमुख 15 उत्पादों का मूल्य 45 अरब डॉलर है। इनमें से 12 श्रेणियों के 21 अरब डॉलर का माल ईयू में कम बिकता है। आधे हिस्से को भी शिफ्ट करने से द्विपक्षीय व्यापार की तस्वीर उलट-पुलट हो सकती है।
तीन वर्षों से 136.5 अरब डॉलर पर ठहरा भारत-ईयू व्यापार वित्त वर्ष 25 में ईयू को शीर्ष स्थान दिला चुका है। भारत की बाजार हिस्सेदारी कम है—आयात में 2.9%, निर्यात में 1.9%। निर्यात पांच देशों पर निर्भर है।
ईयू की विशाल अर्थव्यवस्था 1.4% बढ़ रही है, लेकिन प्रमुख देशों में सुस्ती है। 119.2 अरब डॉलर का एफडीआई भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। एफटीए से व्यापार विविधीकरण और वृद्धि सुनिश्चित होगी।