कर्नाटक में बाइक टैक्सी संचालन को हरी झंडी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ओला, उबर और रैपिडो की याचिकाओं पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश विभू बखरू और जस्टिस सीएम जोशी ने पिछले अप्रैल के सिंगल जज आदेश को पलट दिया, जो सेवाओं पर रोक लगाता था।
मामला मोटर वाहन अधिनियम पर केंद्रित था। कोर्ट ने माना कि बाइक टैक्सी के लिए इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिलें वैध परिवहन साधन हैं। राज्य सरकार को परमिट आवेदनों पर विचार करना होगा, बिना वाहन के प्रकार को बहाना बनाए।
निर्णय में कहा गया कि वाहन मालिक परिवहन श्रेणी में पंजीकरण करा सकते हैं। अधिकारियों को शर्तें लगाने की छूट है, जैसे चालक प्रशिक्षण, जीपीएस और यात्री सुरक्षा। नए आवेदनों का स्वागत है, बशर्ते वे कानूनी मानदंड पूरे करें।
यह कदम बेंगलुरु के लाखों यात्रियों के लिए वरदान है, जहां कैब महंगे और धीमे पड़ जाते हैं। हालांकि, दुर्घटना रोकने के लिए कड़े नियंत्रण जरूरी। फैसला पूरे देश के लिए दिशा निर्देशक बनेगा, जो जियो इकॉनमी और नियमन के बीच संतुलन सिखाता है। भविष्य में सड़कें अधिक सुरक्षित और कुशल होंगी।