पाकिस्तान के कराची में शॉपिंग प्लाजा गुल में लगी आग से मरने वालों की तादाद 67 पहुंच गई। 77 लोग लापता हैं और बचाव अभियान सातवें दिन चल रहा है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
सिंध गवर्नर कामरान टेसोरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट व सिंध हाईकोर्ट से जांच की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दोषियों को बिना विलंब सजा दिलाई जाए। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि आग कृत्रिम फूल बेचने वाली दुकान से शुरू हुई। वहां मौजूद बच्चे शायद माचिस या लाइटर से खेल रहे थे। सामान जलने के बाद आग विद्युत वायरिंग में फैल गई। जांच में बिजली शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
डिप्टी कमिश्नर जावेद नबी खोसो ने आंकड़े साझा किए। लापता लोगों की महिलाओं ने गुरुवार को साइट पर धरना दिया। कराची में 10 सालों की सबसे घातक आग ने सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब न्याय और सुधार की उम्मीद बंधी है।