पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पथराव की घटना में फंसे मोहम्मद उबैदुल्लाह की जमानत दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द कर दी। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को अपरिपक्व बताते हुए पुलिस की अपील मानी।
फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चली कार्रवाई में असामाजिक तत्वों ने हंगामा किया। रात के समय भीड़ इकट्ठी हुई, नारे लगे, पत्थर चले। पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ, वाहनों को क्षति पहुंची। जांच में व्हाट्सएप के जरिए भड़काने का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों में उबैदुल्लाह, नावेद और फैज प्रमुख। सत्र न्यायालय ने जमानत दी, लेकिन हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस के दावों की अनदेखी हुई। ‘तर्कों को नोट किया लेकिन विश्लेषण नहीं,’ कोर्ट ने टिप्पणी की।
यह फैसला अतिक्रमण विरोधी मुहिमों को मजबूती देता है। तुर्कमान गेट जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी चुनौतियां आम हैं। अधिकारी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखेंगे।
उबैदुल्लाह को हिरासत में लौटना पड़ेगा। मामला कानून व्यवस्था और शहरी विकास के टकराव को दर्शाता है।