भारतीय सिनेमा अब केवल टिकट खिड़की की सफलता तक सीमित नहीं, बल्कि गहरे मानवीय भावों को छूने लगा है। ‘होमबाउंड’ इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसमें जान्हवी कपूर, ईशान खट्टर और विशाल जेठवा ने शानदार अभिनय किया। दुनिया की 86 फिल्मों में से टॉप 15 तक पहुंची यह फिल्म ऑस्कर 2026 नामांकन से वंचित रही।
विशाल जेठवा ने खुलासा किया, ‘सामान्य परिवार से हूं, जहां महत्वाकांक्षाएं अक्सर सपना भर लगती हैं। लेकिन इस फिल्म का वैश्विक सफर मेरे विश्वास को और पक्का कर गया। अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का समर्थन प्रमाणित करता है कि दिल से बनी फिल्में हर दिल तक पहुंचती हैं।’
‘मेहनत, आस्था और सत्यनिष्ठा हमेशा रंग लाती है,’ उन्होंने कहा। नीरज घायवान की प्रतिभा, करण जौहर की पीठ थपथपाहट और सह-कलाकारों की प्रेरणा का शुक्रिया अदा किया। ‘उनके साथ काम करना विकास का सुनहरा अध्याय था।’
फिल्म की अंतरराष्ट्रीय गूंज आज भी सुनाई दे रही है। ‘लोगों के संदेश और प्यार बरस रहा है। ऑस्कर से बाहर होना अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। भविष्य के प्रोजेक्ट्स का इंतजार है।’