पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के राहुल गांधी पर दिए बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। भोपाल में उन्होंने कहा कि विदेशी मूल की मां का बेटा देशभक्त नहीं हो सकता। चाणक्य नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने शासन की अयोग्यता भी बताई।
साध्वी ने कहा, ‘चाणक्य जैसे विचारक का कथन अकाट्य है। विदेशी महिला संतान शासक बनने या देशभक्ति का दावा नहीं कर सकती। यह हमारी परंपरा का हिस्सा है।’ बयान स्पष्ट रूप से गांधी परिवार को संबोधित था।
समाजवादी पार्टी के फखरुल हसन चांद ने इसे खारिज करते हुए क jolly कहा, ‘ऐसे लोगों के सर्टिफिकेट से कौन प्रभावित होता है? देशभक्ति का प्रमाण-पत्र देने का अधिकार इन्हें नहीं। आम जनता ऐसी राय की परवाह नहीं करती।’
उन्होंने वास्तविक समस्याओं का जायजा लिया। ‘युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, महंगाई आसमान छू रही है। मंदिर-मस्जिद से ज्यादा जरूरी है रोजगार देना, दाम नियंत्रित करना और महिलाओं को सुरक्षा। देश तभी प्रगति करेगा जब नौजवान सशक्त होंगे।’
यह टकराव चुनावी माहौल में दलों की रणनीतियों को उजागर करता है, लेकिन जनता आर्थिक सुधारों की अपेक्षा कर रही है।