नई दिल्ली। एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई ने जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर में मजबूत विकास की पुष्टि की है। कंपोजिट पीएमआई 57.8 से उछलकर 59.5 हो गया, जो एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट में शुक्रवार को सामने आया।
व्यापारिक स्थितियां बेहतर हुईं, भले ही महंगाई दरें बढ़ी हों। लागत व मूल्य वृद्धि मध्यम बनी रही, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
प्रांजुल भंडारी, एचएसबीसी की मुख्य भारत इकोनॉमिस्ट ने टिप्पणी की, ‘दोनों क्षेत्रों में वृद्धि तेज हुई।’ मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बढ़ा लेकिन साल के औसत से कम रहा।
नए कारोबार में तेज उछाल आया, खासकर साल के अंत की सुस्ती के बाद। उत्पादकों पर इनपुट लागत का बोझ ज्यादा पड़ा, फिर भी मांग व प्रचार से बिक्री चरम पर पहुंची। मैन्युफैक्चरिंग ने सर्विसेज से आगे प्रदर्शन किया।
निर्यात ऑर्डर चार महीनों के टॉप पर रहे, एशिया से मिडिल ईस्ट तक बाजारों से डिमांड। निजी क्षेत्र में नौकरियां दिसंबर के ठहराव के बाद बहाल हुईं।
व्यवसायिक दृष्टिकोण 12 महीनों के लिए उत्साहपूर्ण है। ये आंकड़े भारत को वैश्विक मंदी के दौर में चमकदार अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करते हैं।