उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। सरयू नदी में पवित्र स्नान को ले लाखों श्रद्धालु शुक्रवार को सुबह से ही घाटों पर डेरा डाले नजर आए। सरस्वती मां का आह्वान करते हुए यह स्नान मौसमी परिवर्तन और बौद्धिक प्रगति का संदेश देता है।
भीड़ प्रबंधन हेतु प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम किए। पुलिस की फौज, ड्रोन निगरानी, एम्बुलेंस और सफाई दल हर ओर सक्रिय। मेला क्षेत्रों की पूर्व निरीक्षण से सब कुछ सुचारू रहा।
घाटों पर पीले वस्त्रों में सजे भक्त जल में उतर पवित्र डुबकी लगा रहे थे। स्नान उपरांत मंदिर दर्शन और पूजा-अर्चना में लगे। वातावरण भक्ति रस से सराबोर।
‘बहुत आनंद आया, व्यवस्था उत्तम है। यह दिन हमारे लिए विशेष,’ बोले एक यात्री। एक अन्य ने कहा, ‘भागवत कथा, रामलला दर्शन और स्नान—सब परफेक्ट। धन्यवाद प्रशासन को।’
सरकार की सराहना होते ही रही। बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना, पतंगबाजी और विशेष व्यंजन बनते हैं। अयोध्या का महत्व राम मंदिर से और प्रबल हुआ। आंकड़े बाद में जारी होंगे मगर पुराने रिकॉर्ड 15 लाख के पार हैं।
यह उत्सव सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है और बड़े आयोजनों की सफल मिसाल पेश करता है। वसंत की बहार के साथ भक्त लौटे, मन में आशीष लिये।