बसंत पंचमी पर धार के भोजशाला-कमल मौला विवादित स्थल पर सरस्वती पूजा की धूम मची। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हिंदू भक्त सुबह से जुटे, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुस्लिम दोपहर में नमाज के लिए आएंगे।
कोर्ट ने हिंदुओं को पूरे दिन पूजा का अधिकार दिया, मुस्लिमों को 1-3 बजे का समय। एएसआई द्वारा संरक्षित 11वीं सदी का यह स्थल दोनों समुदायों के धार्मिक दावों का केंद्र रहा है। हिंदू इसे सरस्वती मंदिर कहते हैं, मुस्लिम मस्जिद।
प्रशासन ने 8000 पुलिसकर्मी और आरएएफ तैनात कर शांति सुनिश्चित की। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने चेतावनी दी कि भड़काऊ सामग्री पर कठोरतम कार्रवाई होगी, चाहे वह सोशल मीडिया हो या प्रिंट मीडिया।
सीएम मोहन यादव ने सोशल प्लेटफॉर्म पर शुभकामनाएं दीं, मां सरस्वती से ज्ञान व समृद्धि की प्रार्थना की। 2003 के पुराने नियम के अनुरूप यह विशेष व्यवस्था है।
स्थल पर माहौल शांतिपूर्ण है। यह घटना धार्मिक एकता को मजबूत करने का संदेश देती है, जहां आस्था और कानून साथ चलें।