देश पराक्रम दिवस मना रहा है, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। इस अवसर पर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष नेता राहुल गांधी, भूपेंद्र हुड्डा व रणदीप सुरजेवाला ने सोशल मीडिया के माध्यम से नेताजी को हार्दिक श्रद्धांजलि दी। उनके ओजस्वी नारों व साम्प्रदायिक सद्भाव की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
खड़गे ने नेताजी को प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके नारों की चर्चा की जो देशप्रेम जगाते थे। सांप्रदायिकता विरोध व देशभक्ति का संदेश आज भी मार्गदर्शक है। राहुल गांधी ने स्वतंत्रता योद्धा के पराक्रम व नेतृत्व को सलाम किया।
हुड्डा ने खून-आजादी नारे से आंदोलन में आई जान का जिक्र किया। सुरजेवाला ने कष्टपूर्ण यात्रा पर विजय का उद्धरण देते हुए नेताजी के योगदान को रेखांकित किया।
1897 में जन्मे नेताजी ने ब्रिटिश नौकरी छोड़ क्रांति का मार्ग चुना। जर्मनी-जापान सहयोग से आईएनए गठित कर ‘दिल्ली चलो’ का उद्घोष किया। नौसैनिक बगावत ने स्वराज्य निकट लाया।
नेताजी की विरासत सैन्य परंपराओं में जीवंत है। राजनीतिक दलों के लिए वे एकजुटता प्रतीक हैं। ये श्रद्धांजलियां विभाजनकारी शक्तियों के विरुद्ध एकता का संकल्प दोहराती हैं।
राष्ट्र निर्माण में नेताजी के विचार चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा देते हैं।