प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुभाष चंद्र बोस की जन्मतिथि पर एक्स के माध्यम से नेताजी से जुड़ी यादें ताजा कीं। उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया, जो नेताजी के योगदान को नई ऊंचाइयों पर ले गए।
हरिपुरा से 2009 में ई-ग्राम विश्वग्राम योजना का शुभारंभ याद करते हुए मोदी ने कहा कि नेताजी ने हमेशा मार्गदर्शन किया। वहां का उत्साह और नेताजी की सड़क पर जुलूस आज भी याद आता है, जो गुजरात को डिजिटल हब बनाने में मील का पत्थर साबित हुई।
अहमदाबाद के 2012 आजाद हिंद फौज कार्यक्रम में पीए संगमा जैसे दिग्गजों की भागीदारी का जिक्र किया। लंबे समय तक सत्ताधारी दलों द्वारा नेताजी को हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाया, जबकि हमारी सरकार ने दस्तावेज सार्वजनिक कर इतिहास को सही दिशा दी।
2018 के दो स्वर्णिम पल: लाल किले पर आजाद हिंद की 75वीं जयंती और आईएनए के ललती राम जी से संवाद। अंडमान-निकोबार में श्रीविजयपुरम पर तिरंगा रोहण और रॉस सहित तीन द्वीपों का नेताजी के नाम पर नामकरण।
क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी की वस्तुएं संरक्षित हैं। पराक्रम दिवस पर कोलकाता नेताजी भवन का दौरा और दिल्ली के इंडिया गेट पर उनकी प्रतिमा औपनिवेशिक मानसिकता को समाप्त करने का प्रतीक है, जो युवाओं को बल देगी।