टी20 विश्व कप के बहिष्कार पर बांग्लादेश की कार्रवाई के बाद बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीसीआई से अल्पसंख्यक उत्पीड़न के मद्देनजर फैसला लेने की मांग की।
बातचीत में मौलाना ने स्पष्ट किया कि बीसीआई सरकार से जुड़ा है। ‘बांग्लादेश के जुल्मों को भुलाकर क्रिकेट नहीं खेला जा सकता। सही फैसला लेने पर प्रशंसा मिलेगी, अन्यथा बहिष्कार होगा।’
बांग्लादेश को नाजुक हालात वाला देश बताते हुए उन्होंने कहा कि चरमपंथी अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढा रहे हैं। ‘भारत उनके खिलाड़ियों के लिए बंद होना चाहिए।’
केरल जमात नेता के बयान को खारिज करते हुए मौलाना ने तर्क दिया, ‘इस्लामी शासन को सभी ने स्वीकारा है। पैगंबर की सीख से बने कानून न्यायपूर्ण हैं। संविधान आज भी इनका प्रमाण हैं—महिलाओं का मान, समानता और इंसाफ।’
यह बयान खेल जगत को सोचने पर मजबूर कर रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय संबंध खेल के मैदान पर असर डाल रहे हैं। विश्व कप की तैयारियां अब नए मोड़ पर हैं।