तीन दशक बॉलीवुड में गुजार चुकीं रानी मुखर्जी ने करण जौहर से खुलकर बात की। करियर के उतार-चढ़ाव के बीच ‘ब्लैक’ को सबसे खास बताया, जहां अमिताभ बच्चन के साथ जोड़ी ने इतिहास रचा। यह फिल्म उनके लिए अभिनय की ऊंचाइयों को छूने जैसी थी।
अमिताभ का साथ काम करना करियर बदलने वाला पल था। ‘देबराज के किरदार में वे रोज एक मास्टरक्लास दे रहे थे,’ रानी ने याद किया। इसने उन्हें कला की बारीकियां सिखाईं और आत्मविश्वास बढ़ाया।
‘ब्लैक’ रानी के जीवन की सबसे भावपूर्ण फिल्म है। फाइनल कट देख भंसाली के सामने अमिताभ संग रो पड़ना, वह पल अमिट है। किरदारों की गहराई ने सबको छू लिया था।
भूमिका निभाने को रानी ने साइन लैंग्वेज छह माह सीखी। श्रवणबाधित व्यक्तियों के संग वक्त बिताकर वास्तविकता उतारी। संजय लीला भंसाली ने सेट को जादुई बनाया, हर सदस्य को उत्कृष्टता की ओर धकेला।
‘वे कलाकारों को नया जन्म देते हैं,’ रानी बोलीं। 30 साल के संघर्ष में ‘ब्लैक’ एक प्रकाशस्तंभ बनी, जो भावनाओं की जीत दिखाती है। यह कालजयी कृति आज भी प्रासंगिक है।