सारंडा के जंगलों में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई ने नक्सलवाद को करारा झटका दिया। चाईबासा के पास मुठभेड़ में 15 नक्सली मारे गए, जिनमें केंद्रीय कमेटी सदस्य व एक करोड़ इनामी अनल दा उर्फ पतिराम मांझी प्रमुख था। उसके खिलाफ 149 मुकदमे दर्ज थे।
पीरटांड़ का यह नक्सली 1987 से सक्रिय था। 2000 तक स्थानीय इलाकों पर राज किया, फिर बिहार के जमुई में सक्रिय। वहां पकड़ा भी गया। माओवादी संगठन का मास्टरमाइंड चाईबासा के हालिया विस्फोटों का सूत्रधार रहा।
2005 गिरिडीह होमगार्ड लूट, 4 मौतें। 2006 बोकारो सीआईएसएफ पर हमला, 5 शहीद। 2018 कुचाई मुठभेड़ में जवान शहीद। 2019 के कई आईईडी ब्लास्ट, कुकडू हाट में 5 पुलिसकर्मी मारे गए। रायसिदरी, रेसुरु डैम हमले। 2019-2021 के घात लगाकर अटैक, ओडिशा विस्फोटक चोरी।
पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइजी साकेत कुमार सिंह व डॉ. माइकल राज ने ऑपरेशन मेगाबुरु की सफलता बताई। शेष नक्सलियों को समर्पण का आह्वान किया गया, झारखंड नक्सल मुक्ति की ओर अग्रसर।