पाकिस्तान में आईएसआई की भूमिका से लश्कर-ए-तैयबा और आईएस खुरासान जैसे गुट एक हो रहे हैं, जो एक खतरनाक रणनीति का हिस्सा है। रिपोर्ट ने इस ‘अपवित्र गठजोड़’ को उजागर किया है, जो भारत विरोधी हिंसा को बढ़ावा देगा।
मीर शफीक मंगल का लश्कर नेता राना अशफाक को हथियार भेंट इस एकता का प्रतीक है। विश्लेषण बताते हैं कि पाक की डीप स्टेट आतंक को प्रोत्साहित कर रही है, आईएसआई इसके केंद्र में लश्कर, जैश, आईएसकेजेपी, हमास को लामबंध रही है।
मुरिदके पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद आईएसआई ने तेजी दिखाई, लश्कर-जैश को एक दলে बदल दिया। सेना वाले आतंकी जनाजों में, नेता सैफुल्लाह कसूरी के साथ।
रऊफ ने जिहाद भर्ती की आसानी बताई, तल्हा सईद संग। शहरी लॉजिस्टिक्स, सुसाइड बॉम्बिंग, हमास सहयोग से भारत पर लंबे हमले की योजना।
भारत की तकनीकी श्रेष्ठता: ड्रोन काउंटर, लेजर, एक्सोस्केलेटन, पैरा यूनिट्स। एलओसी ग्रिड, साइबर हमले हवाला-परोपेगैंडा तोड़ रहे। आसमान साफ, जेकेई सुरक्षित।