पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों ने ऐतिहासिक कार्रवाई की। एक करोड़ के इनामी प्रमुख नक्सली अनल दा उर्फ पतिराम मांझी के साथ कुल 15 नक्सली मारे गए। इसमें तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं। यह नक्सल उन्मूलन अभियान की अब तक की सबसे बड़ी जीत है।
मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्डा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी, जोंगा प्रमुख हैं। इन पर लाखों के इनाम थे और दर्जनों गंभीर मामले लंबित थे। ये कोल्हान के जंगलों में अनल दा के दस्ते के साथ सक्रिय थे।
अनल दा गिरिडीह का रहने वाला था, जिसके खिलाफ 149 आपराधिक केस थे। झारखंड-एक करोड़, ओडिशा-1.20 करोड़, एनआईए-15 लाख का इनाम था। वह नक्सली संगठन का केंद्रीय रणनीतिकार था और 2022 से हिंसक घटनाओं का सूत्रधार।
सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार सिंह के अनुसार, किरीबुरू के जंगलों में सुबह 6:30 बजे ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ शुरू हुआ। कोबरा, जगुआर, सीआरपीएफ, जिला पुलिस ने नक्सल दस्ते को घेरा। उनकी अंधाधुंध फायरिंग का जवाब दिया गया। कई चरणों वाली मुठभेड़ के बाद 15 शव, हथियारों का जखीरा बरामद।
ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलवाद कमजोर पड़ेगा। राज्य में बचे नक्सली 50-60 ही रहेंगे। शेष नक्सलियों से सरेंडर की अपील। इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात, सघन तलाशी जारी।