बस्तर के बीजापुर में इंद्रावती नदी ने बुधवार को भयानक रूप धारण कर लिया। भैरमगढ़ के उस्परी घाट पर बाजार से लौट रही नाव पलट गई, जिसमें सवार मां और नवजात की जान चली गई। 18 घंटे बाद भी पिता और एक अन्य बच्चे का सुराग नहीं, बचाव टीमें छानबीन कर रही हैं।
शाम पांच बजे बोडगा के छह लोगों की नाव तेज बहाव में उलट गई। ग्रामीणों ने दो को खींचकर बचाया, लेकिन अंधेरे और दुर्गम इलाके ने बाकी बचाव को मुश्किल बना दिया। जिला से दूर होने के चलते सुबह तक इंतजार करना पड़ा।
खोजबीन में मां का शव मिला, जिसमें नवजात तौलिए से बंधा था—मां के त्याग की मार्मिक कहानी। चिकित्सा टीमें तैयार हैं।
पुल न होने से ग्रामीण नावों पर आश्रित हैं, जिससे ऐसी त्रासदियां बढ़ रही हैं। स्थानीयों ने पुल, लाइफ जैकेट और त्वरित बचाव की मांग दोहराई है। प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाई जा रही, लेकिन लापता सदस्यों की चिंता बरकरार है।
यह घटना दूरदराज क्षेत्रों में सुरक्षा की पोल खोलती है, जहां सुधार की सख्त जरूरत है।