कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने पंजाब प्रभारी नेताओं को सोमवार को सख्त संदेश दिया कि पार्टी में गुटबाजी व सार्वजनिक बयानबाजी अब सहन नहीं होगी। मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर आयोजित बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, अंबिका सोनी उपस्थित रहीं। पंजाब से राजा वारिंग, बाजवा, चन्नी, रंधावा, सिंगला, राणा केपी सिंह व डॉ. अमर सिंह भी शरीक हुए।
बैठक में पार्टी एकीकरण पर विस्तृत विमर्श हुआ। वेणुगोपाल ने मीडिया को बताया कि अनुशासन सर्वोपरि है। आंतरिक विवादों को बाहर लाने वाले बयानों पर रोक लगाई गई है। पंजाब नेतृत्व में फेरबदल की कोई गुंजाइश नहीं।
30 नेताओं की हाईकमान से भेंट की खबरों पर उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत चर्चा ठीक है, मगर गुटवाद की कोई जगह नहीं। खड़गे व गांधी के पंजाब दौरे में सभी मिल सकेंगे।
सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण जताते हुए वेणुगोपाल ने एससी/एसटी/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही। ‘हम एक परिवार हैं, पंजाब की जीत साथ मिलकर हासिल करेंगे,’ उन्होंने प्रेरित किया।
बघेल ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के पक्ष में लहर है। खड़गे-गांधी के नेतृत्व में सामूहिक रूप से चुनाव लड़ेंगे, अनुशासनहीनता पर कोई नरमी नहीं। यह पहल पार्टी को मजबूत एकजुट इकाई के रूप में स्थापित करेगी।