नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में चीन एक बार फिर अग्रणी साबित हुआ है। राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के अनुसार, 2025 में 2 अरब 94 करोड़ 70 लाख हरित ऊर्जा प्रमाणपत्र जारी किए गए, जो देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार को दर्शाते हैं। गुरुवार को जारी ये आंकड़े पर्यावरण प्रेमियों के लिए उत्साहजनक हैं।
कुल जारी प्रमाणपत्रों में 1 अरब 89 करोड़ 30 लाख व्यापारिक थे। दिसंबर में 21 करोड़ 10 लाख प्रमाणपत्र जारी हुए, जिसमें व्यापार योग्य हिस्सेदारी 71.32 प्रतिशत रही। वर्ष भर में 93 करोड़ प्रमाणपत्रों का लेन-देन हुआ, जिसमें हरित बिजली क्षेत्र से 25 करोड़ शामिल थे।
ये प्रमाणपत्र नवीकरणीय बिजली के ‘डिजिटल पहचान पत्र’ हैं, प्रत्येक 1000 किलोवाट-घंटे ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसे स्रोतों से उत्पन्न बिजली की पारदर्शी ट्रैकिंग सुनिश्चित करते हैं।
चीन की यह प्रगति वैश्विक जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में मजबूत संदेश देती है। स्वच्छ ऊर्जा बाजार का विस्तार निवेशकों को आकर्षित कर रहा है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बना रहा है। 2060 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य की ओर यह कदम महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है।